दून में भी हजारों छात्र सड़कों पर उतरे
जंतर-मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा, यूकेएसएसएससी भर्ती परीक्षाओं की विज्ञप्ति जारी करने और पेपर लीक के दोषियों को सजा देने की मांग, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के इस्तीफे की भी मांग उठाई
देहरादून: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में आज राजधानी देहरादून में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। परेड ग्राउंड में बड़ी संख्या में छात्रों, अभिभावकों और आम नागरिकों ने एकजुट होकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद परेड ग्राउंड से घंटाघर तक एक विशाल ‘प्रतिरोध मार्च’ निकाला गया, जिसमें लोगों की भारी मौजूदगी रही। इसके अलावा, छात्रों ने यूकेएसएसएससी भर्ती परीक्षाओं की विज्ञप्ति जारी करने की मांग की, वहीं पेपर लीक के दोषियों को सजा देने की भी मांग उठाई। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के भी इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई। सतीश धौलाखंडी और उनके साथियों ने जनगीत प्रस्तुत कर युवाओं में जोश भरा, वहीं छात्र अरमान ने एक प्रेरणादायक रैप सॉन्ग के जरिए अन्याय और दमन के खिलाफ जागरूक होने की अपील की।
दिल्ली से लौटे छात्रों का स्वागत: स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के वे छात्र जो दिल्ली जंतर-मंतर मार्च में शामिल होकर देहरादून पहुंचे थे, उनका प्रदर्शन स्थल पर स्वागत किया गया और उन्होंने दिल्ली में हुए पूरे घटनाक्रम के अपने प्रत्यक्ष अनुभव साझा किए।
इस मौके पर एसएफआई प्रदेश अध्यक्ष नितिन मलेठा ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस द्वारा किया गया बल प्रयोग पूरी तरह पूर्वनियोजित था। बिना नेमप्लेट और बिना वर्दी के पुलिसकर्मियों द्वारा छात्रों पर लाठी चलाना कानून के शासन पर सीधा हमला है। डीएवी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष लेखराज ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हक मांग रहे छात्रों पर लाठियां बरसाना बेहद दुखद है और इसके खिलाफ सभी नागरिकों को एकजुट होने की जरूरत है। इस मौके पर अयाज खान, मुकुल, कनिका, अर्सलान, सौरभ, अनामिका, इजराइल और समीर सहित कई छात्रों ने दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर हुए बल प्रयोग के अनुभवों को सामने रखा। इसके अलावा निर्मला बिष्ट, हिमांशु चौहान, लेखराज, पंकज क्षेत्री और त्रिलोचन भट्ट ने भी विचार व्यक्त किए।
22 जुलाई को गांधी पार्क में बड़े प्रदर्शन का आह्वान
प्रदर्शन के समापन पर छात्र संगठनों और युवाओं ने देहरादून की जनता, छात्रों और नागरिकों से 22 जुलाई 2026 को गांधी पार्क, देहरादून में आयोजित होने वाले विरोध-प्रदर्शन में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने की अपील की है, ताकि छात्रों के अधिकारों की आवाज को और बुलंद किया जा सके। मामले को लेकर क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन सतर्क नजर आ रहा है, ताकि शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे।



