पाठकों के बीच छाया सुरजीत मान का नया उपन्यास ‘हाउस हसबैंड’
सामाजिक रूढ़ियों पर प्रहार करता है उपन्यास 'हाउस हसबैंड'

सादाबाद/हाथरस: समकालीन विषयों पर अपनी गहरी पकड़ रखने वाले, क्षेत्र के गाँव नगला नत्थू में जन्मे प्रखर लेखक व ‘साहित्य रत्न’ के संस्थापक सुरजीत मान जलईया सिंह का नया उपन्यास ‘हाउस हसबैंड’ प्रकाशित हो गया है। ‘श्वेतवर्णा’ प्रकाशन द्वारा प्रकाशित यह उपन्यास बाजार में आते ही साहित्य जगत और पाठकों के बीच चर्चा का मुख्य विषय बन गया है।

सामाजिक बेड़ियों को तोड़ती एक नई सोच
यह उपन्यास पितृसत्तात्मक समाज की पारंपरिक रूढ़ियों पर सीधा प्रहार करता है। इसमें घरेलू जिम्मेदारियों को निभाते पुरुष के दृष्टिकोण से समाज को एक नई और प्रगतिशील दिशा देने का प्रयास किया गया है। लेखक ने इस कृति में एक ‘हाउस हसबैंड’ के जीवन के संघर्षों, परिवार के प्रति उसके समर्पण और प्रेम को बेहद संवेदनशीलता के साथ उकेरा है।
प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों का मिला साथ
उपन्यास की महत्ता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी भूमिका आकाशवाणी के सहायक निदेशक रामअवतार बैरवा ने लिखी है। इसके साथ ही, ‘कविता कोश’ के संस्थापक सम्यक ललित, लेखक व केन्द्रीय विद्यालय में प्रवक्ता डॉ. बिपिन पाण्डेय और फिल्म ‘हॉलीडे’ के सहायक संवाद लेखक अरूण शेखर ने शुभकामना संदेशों के जरिए लेखक के इस साहसी और अनूठे विषय पर प्रकाशित प्रयास की सराहना की है।
इस विषय को लेकर सोशल मीडिया और साहित्यिक क्षेत्रों में अभी से ही काफी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जो इस प्रकाशित कृति की सफलता को रेखांकित करती हैं।



