उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, दून में शुक्र को भी छुट्टी
मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अलर्ट के कारण पौड़ी गढ़वाल में भी स्कूलों की छुट्टी के आदेश दिए गए
देहरादून/पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड में आफत की बारिश ने हाहाकर मचा रखा है। खासकर पहाड़ी जिलों में हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने दस जुलाई को प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए देहरादून और पौड़ी गढ़वाल जिले में शुक्रवार 10 जुलाई को कक्षा एक से लेकर 12वीं तक के सभी स्कूलों की छुट्टी का आदेश जारी किया है। इधर, देहरादून में बुधवार देर रात से शुरू हुई बारिश गुरुवार को भी दिनभर जारी रही।

पौड़ी गढ़वाल जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया की तरफ से जारी आदेश के अनुसार भारत मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने 9 जुलाई को दोहपर 1.30 बजे मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पौड़ी गढ़वाल जिले में दस जुलाई को भारी बारिश के साथ-साथ आकशीय बिजली चमकने की भी आशंका है। इसीलिए मौसम विभाग ने पौड़ी गढ़वाल जिले के लिए ऑरेज अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए पौड़ी गढ़वाल जिला प्रशासन ने दस जुलाई को जिले के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। पौड़ी गढ़वाल के अलावा देहरादून में शुक्रवार को कहीं-कहीं पर अत्यधिक भारी वर्षा और आकाशीय बिजली की आशंका व्यक्त की गई है। देहरादून के लिए मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है।
जिलाधिकारी देहरादून डॉ आशीष चौहान ने जनपद के कक्षा 1 से 12 तक संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय व निजी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में 10 जुलाई को एक दिवस का अवकाश घोषित किया गया है।
आपदा प्रबंधन विभाग भी अलर्ट: मौसम विभाग की चेतावनी के बाद आपदा प्रबंधन विभाग भी अलर्ट है। भारी बारिश के बाद नदियों को जल स्तर अचानक बढ़ जाता है, इसीलिए आपदा प्रबंधन विभाग राज्य के सभी प्रमुख बांधों व बैराजों पर नजर रख रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से निर्देश दिए है कि प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे अपने जलाशयों के जलस्तर इनफ्लो, आउटफ्लो ऐर डिस्चार्ज से संबंधित जानकारी अनिवार्य रूप से यूएसडीएमए को उपलब्ध करानी होगी। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में संबंधित विभागों एवं जल विद्युत परियोजनाओं के अधिकारियों को मानसून के दौरान बेहतर समन्वय तथा निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए।
निर्देश दिए कि यदि किसी भी बांध व बैराज से पानी छोड़ा जाना प्रस्तावित हो तो इसकी पूर्व सूचना राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र व संबंधित जिला प्रशासन को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। सूचना में यह भी उल्लेख किया जाए कि छोड़ा गया पानी कितने समय में किन-किन क्षेत्रों तक पहुंचेगा। डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में नदी के जलस्तर में कितनी वृद्धि होने की संभावना है। इससे संभावित प्रभाव क्या होंगे ताकि समय रहते संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा सकें।



