फूलों की घाटी खुली, 300 से अधिक फूलों की प्रजाति के हो सकेंगे दीदार
देहरादून/चमोली: विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी रविवार को सैलानियों के लिए खोल दी गई है पहले ही दिन फूलों की घाटी के दीदार करने के लिए सैलानी पहुंचे हैं। इस दौरान वन विभाग द्वारा सैलानियों का फूलों की घाटी के मुख्य गेट पर स्वागत भी किया गया। जून महीने में 62 सैलानियों ने अभी तक रजिस्ट्रेशन करवाया है।

विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी जहां की 300 से अधिक देशी-विदेशी फूल खिलते हैं। इस घाटी का दीदार करने के लिए हजारों की संख्या में जून से लेकर अक्टूबर तक सैलानी पहुंचते हैं।

गौरतलब है कि यह भारतीय राष्ट्रीय उद्यान हैएयह उत्तराखंड राज्य के चमोली जनपद में स्थित है और यह स्थानिक अल्पाइन फूलों के मैदानों और वनस्पतियों की विविधता के लिए जाना जाता है। यह समृद्ध विविधता वाला क्षेत्र दुर्लभ और लुप्तप्राय जानवरोंए पक्षियों का घर भी है। समुद्र तल से लगभग 3658 मीटर की ऊंचाई पर है। फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व में शामिल हैंए नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान रिजर्व यूनेस्को के विश्व नेटवर्क ऑफ बायोस्फीयर रिजर्व में शामिल है।

सबसे अच्छा समय: जुलाई के मध्य से अगस्त के मध्य तक यहाँ सबसे अधिक और रंग-बिरंगे फूल खिलते हैं।
मुख्य पड़ाव: घाटी का ट्रैक गोविंदघाट से पुलना और फिर घांघरिया बेस कैंप से शुरू होता है।
टिकट शुल्क: भारतीय नागरिकों के लिए 150 रुपए और विदेशी पर्यटकों के लिए 650 रुपए है। टिकट सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही काटे जाते हैं।
ऑनलाइन बुकिंग: आप घाटी में प्रवेश के लिए उत्तराखंड वन विभाग या उत्तराखंड पर्यटन की वेबसाइट से बुकिंग कर सकते हैं।



