#uttarakhand newsउत्तराखंडकानूनक्राइम

चुनाव से पहले जेनी का जिन्न फिर बाहर, हरक पर लगाया रेप का आरोप, सियासत गरमाई 

देहरादून: आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उत्तराखंड की राजनीति में जेनी का जिन्न फिर बाहर आ गया है। शनिवार को देहरादून में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जेनी ने इस मामले को फिर गरमा दिया है।

जेनी ने कहा कि 2003 में कांग्रेस सरकार में मंत्री हरक सिंह रावत ने मेरा रेप किया। उस वक्त मै 16 साल कि थी उस समय मुझे पागलखाने में रखा गया था।

मै उस समय गर्भवती थी। मैंने बहुत टॉर्चर किया गया था। मुझे उस समय हिंदी भी नहीं आती थी। जहां मुझे वकील ने बोला था मैंने वहां साइन कर दिया था।

मुझे CBI भी केवल एक बार ही जेल में मिलने आई थी। ये उस समय कि बात है जब हरक मंत्री थे। जब मेरे बेटे के DNA टेस्ट की बात आई तो मेरे बेटे का सैंपल आया ही नहीं तो किस बात का टेस्ट किया गया।

हरक सिंह रावत ने मेरा रेप किया है। मै चाहती हूं कि मामले की दोबारा जांच हो। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए जेनी ने क्या-क्या आरोप लगाए…

जेनी बोलीं- दोबारा जांच हो, बेटे को बाप का नाम मिले

जेनी ने आगे कहा कि जब मुख्यमंत्री ने मेरा नाम लिया तो मुझे हिम्मत आई। नहीं तो मुझे पुलिस ने उस समय यह कहकर निकाल दिया था कि दोबारा मत दिखाई देना।

मै जब यहां आई तो मै STD बूथ पर काम करती थी। उसके बाद एक कार्यकर्ता मुझे हरक सिंह के पास लेकर गए थे और उसी ने मिलाया था। मै हरक सिंह के यहां डेढ़ महीने रही। इस दौरान मुझे कई होटलों में ले जाया गया।

पिछले 23 साल से मेरा बेटा बिना बाप के रह रहा है। मै चाहती हूं कि मामले कि दोबारा जांच हो और मेरा उस समय का वकील शिव चरण सिंह रावत था जिसकी गिरफ़्तारी हो।

2016 में जब दिल्ली में मैंने हरक के खिलाफ केस दर्ज कराया था। अंकिता केस के बाद जब मेरा नाम यहां कि राजनीति में आया तो मुझे यहां आना पड़ा। मेरी मांग है कि मेरे बेटे कों बाप का नाम मिले। मै महेंद्र भट्ट कों जानती तक नही।

हरक सिंह ने 2 महीनों में कई बार रेप किया

मैं दिल्ली में जब साल 2016 में भारत सिंह रावत के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने गई तो उसे समय भी मेरे साथ हरक सिंह रावत ने जबरदस्ती की थी।

हरक सिंह रावत ने 2003 में मेरे साथ रेप किया करीब डेढ़ से 2 महीने तक मुझे अपने साथ यमुना कॉलोनी में रखा। इस दौरान होटल घर और कई पार्टियों में ले जाकर मेरे साथ रेप किया।

इसके बाद जब मैं प्रेग्नेंट हुई तो झूठे आरोप लगाकर मुझे पागल खाने डाल दिया गया। जो वकील मेरे तरफ से हायर किया गया था वह भी उन्हीं की पैरवी कर रहा था।

मुझे बदनाम करना बंद करो

इससे पहले जेनी ने एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में जेनी ने उत्तराखंड के नेताओं पर उन्हें बेवजह बदनाम करने और उनके नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।

जेनी ने कहा कि उत्तराखंड की राजनीति में जिस तरह से उनके नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है वह गलत है।

जिस प्रकरण को लेकर नेता एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं उसमें अब तक किसी ने भी उनसे यह जानने की कोशिश नहीं की कि उस समय उनके साथ वास्तव में क्या हुआ था।

उन्होंने नेताओं से इस मामले में राजनीति बंद करने की अपील की। साथ ही कहा कि वह एक दिन बाद यानी आज (गुरुवार) सोशल मीडिया पर खुद सामने आकर पूरे प्रकरण की सच्चाई बताएंगी।

जेनी ने खुद पर हो रही राजनीति रोकने की अपील की

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में जेनी कह रही हैं कि वह असम की रहने वाली हैं। साल 2003 के एक मामले को लेकर आज भी उत्तराखंड के नेता उनके नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं।

एक-दूसरे पर आरोप लगाकर गंदी राजनीति कर रहे हैं। इतने साल बाद उनके नाम पर बातें की जा रही हैं। किसी ने यह जानने की कोशिश नहीं की कि उस समय उनके साथ क्या हुआ था।

इसके बजाय उनके बारे में तरह-तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं और उन्हें बदनाम किया जा रहा है।

जेनी ने कहा कि उनके साथ किसने क्या किया और क्या नहीं किया, इसकी जानकारी उन्हें खुद है। उनके पास इस संबंध में सबूत भी हैं।

वह अपनी बात सबूतों के साथ लोगों के सामने रखेंगी और बताएंगी कि साल 2003 में या उस दौरान उनके साथ वास्तव में क्या हुआ था।

उन्होंने नेताओं से अपील की कि उनके नाम पर एक-दूसरे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप न करें और इस मामले में राजनीति बंद करें।

जेनी ने कहा कि वह खुद अपनी जुबान से पूरे मामले की सच्चाई बताएंगी। इसके लिए उन्होंने लोगों से एक दिन का समय मांगा है।

कहां से शुरू हुआ जेनी विवाद

उत्तराखंड की राजनीति में जेनी प्रकरण चुनाव से ठीक पहले क्यों आया इसके पीछे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का वह बयान है जो उन्होंने 24 अक्टूबर को हल्द्वानी में पत्रकारों के सवाल पर दिया था।

उस समय पत्रकारों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सवाल किया था कि अंकित भंडारी हत्याकांड में कांग्रेस कई तरह की यात्राएं निकाल रही है।

इस पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा था कि कांग्रेस को इस तरह की बातें नहीं करनी चाहिए जबकि उनके नेता खुद जेनी प्रकरण में घुसे हुए हैं।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button