कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू गिरफ्तार, पुलिस ने झांसी से किया गिरफ्तार
देहरादून: उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े उत्पीड़न मामले में बड़ी खबर सामने आई है। उनके पति गिरधारी लाल साहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि गिरधारी लाल साहू पिछले कई दिनों से उत्तर प्रदेश के झांसी में छिपा हुआ था।
पुलिस ने शनिवार सुबह झांसी से उसे गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद एसआईटी की टीम और पुलिस उसे लेकर देहरादून के लिए रवाना हो गई है।
इस गिरफ्तारी को मामले में बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। अब पुलिस गिरधारी लाल साहू से पूछताछ करेगी। मामले में आगे की जांच और पूछताछ के बाद नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
19 दिन पहले कोर्ट ने खारिज की थी जमानत
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से जुड़े उत्पीड़न मामले में उनके पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी को अदालत से राहत नहीं मिली थी। देहरादून की पंचम अपर सत्र न्यायाधीश एवं एससी-एसटी एक्ट की विशेष न्यायाधीश अंजलि बेंजवाल की अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
अदालत ने माना कि एफआईआर में लगाए गए आरोपों से प्रथमदृष्टया अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत अपराध बनता दिखाई देता है। ऐसे में अधिनियम की धारा 18 और 18ए के तहत अग्रिम जमानत पर प्रतिबंध लागू होता है।
गिरधारी लाल साहू ने गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए अग्रिम जमानत मांगी थी। उन्होंने पत्नी के मंत्री पद के प्रभाव से गिरफ्तारी का भय जताया था। वह खुद अदालत में पेश नहीं हुए और पैरोकार के माध्यम से अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिका खारिज कर दी। इसके बाद कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया था।
15 अक्टूबर को कैंट थाने में दर्ज हुई थी FIR
रेखा आर्या ने 15 अक्टूबर को देहरादून के कैंट थाने में पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में उन्होंने उत्पीड़न और जान से मारने की साजिश रचने के आरोप लगाए।
प्राथमिकी में यह भी आरोप है कि गिरधारी लाल साहू ने उनके आवास पर स्टाफ के सामने जातिसूचक और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। शिकायत में कथित घटना का समय वर्ष 2004 बताया गया है।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्याा ने 15 अक्टूबर को देहरादून के कैंट थाने में पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ शिकायत दी।
इसमें उन्होंने उत्पीड़न, मारपीट, जातिसूचक शब्द कहने, धमकी देने और जान से मारने की साजिश रचने के आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पति ने कथित तौर पर उनके हस्ताक्षर और दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उन्हें कंपनी के निदेशक पद से हटाने की कोशिश की।
रेखा आर्या ने यह भी कहा कि शादी के समय उन्हें पति की पहली शादी की जानकारी नहीं थी, बल्कि बाद में पता चला।



