साहित्य
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शब्द ने बनाया मनुष्य को श्रेष्ठ
ज्ञान का मूल क्या आपने कभी सोचा कि दुनिया इक्कीसवीं में जहां खड़ी है, वहां तक पहुंची कैसे। हममें यह सब…
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कंक्रीट के जंगल बनते जा रहे हैं तमाम शहर
ब्लैक आइबिस’ प्रकाशन द्वारा प्रकाशित जितेंद्र भाटिया की किताब ‘कंक्रीट के जंगल में गुम होते शहर’ वास्तव में हमारे चारों ओर बढ़ते जा…
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मख़्सूस लबो-लहजे़ का शायर सुभाष पाठक ‘जिया’
ग़ज़ल को दरबारों से निकलने में भले ही लंबा समय लगा हो, लेकिन अब यह खुले आकाश में उड़ान भर…
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उत्तराखंड की वरिष्ठ साहित्यकार डॉली डबराल को मिला अटल बिहारी वाजपेयी सम्मान
नोएडाः नवें ग्लोबल लिबर्टी फेस्टिवल, नोएडा में त्रिदिवसीय कार्यक्रम का समापन आज कला, साहित्य व संस्कृति में स्थापित वरिष्ठ व…
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दर्द गढ़वाली की शायरी में जिंदगी के कई रंग
ग़ज़ल जैसी सिन्फ़ के नाज़ उठाना आसान काम नहीं है। मगर इस नाज़नी की कलाई पकड़ लेने वाले दर्द गढ़वाली…
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प्रसिद्ध शायर दीक्षित दनकौरी ले रहे ग़ज़ल की क्लास
जाने-माने ग़ज़लकार दीक्षित दनकौरी ने एक अनूठा प्रयोग किया है। दीक्षित दनकौरी बताते हैं कि दुनियाभर में बड़ी संख्या में…
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स्वतंत्रता आंदोलन से कम नहीं थी पृथक राज्य की लड़ाई
दो अक्टूबर 1994 का वह दिन आज भी मेरी स्मृतियों में ताजा है। जब अहिंसा के रास्ते पर चलकर देश…
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ग़ज़ल
ऐसी मस्ती है दिखी उसके मिज़ाज में । साक़ी ने कुछ तो मिलाया है गिलास में।। कल वो जब आया…
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घर के अंदर सन्नाटों का शोर सताता रहता है
लफ़्ज़ों में मफ़हूम को लपेटे शेर वसीम नादिर साहब को बेहद पसंद हैं। आसान लफ़्ज़ों में गहरी बात कह देने…
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व्याकरण बंधन नहीं अनुशासन है
साहित्य की हर विधा की भाँति ग़ज़ल लेखन के भी अपने तौर-तरीके हैं। ग़ज़ल की बनावट और बुनावट के लिए…
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