मूसलाधार बारिश पर भारी पड़ी आस्था, भोलेनाथ के जयकारों से गूंजे शिवालय
देहरादून/रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में सावन माह के प्रथम सोमवार शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं कै सैलाब उमड़ पड़ा। मूसलाधार बारिश पर आस्था भारी पड़ी। रुद्रप्रयाग स्थित भगवान कोटेश्वर महादेव के दरबार में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य एवं खुशहाली की कामना की। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर शिवमय हो उठा। राजधानी देहरादून में भी भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख समृद्धि की कामना की।
उत्तराखंड में सावन के पहले सोमवार की धूम: लगातार हो रही भारी बारिश के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। नदी का पानी कोटेश्वर महादेव गुफा के समीप तक पहुंच गया है। ऐसा लगा जैसे अलकनंदा नदी खुद भगवान कोटेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर रही हों। मौसम विभाग के येलो अलर्ट और नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने मंदिर परिसर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ की टीम पूरे समय मुस्तैदी से तैनात रही।
श्रद्धालुओं ने किए कोटेश्वर महादेव के दर्शन: नदी के तेज बहाव और बढ़े जलस्तर के कारण श्रद्धालुओं को सीधे अलकनंदा नदी तक जाने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बजाय एसडीआरएफ के जवान स्वयं बाल्टी और लोटे की सहायता से अलकनंदा का पवित्र जल निकालकर श्रद्धालुओं तक पहुंचाते रहे, जिससे सभी श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में भगवान शिव का विधिवत जलाभिषेक कर सकें। प्रशासन की इस व्यवस्था की श्रद्धालुओं ने सराहना की।



