#uttarakhand newsउत्तराखंडटीका-टिप्पणीदुर्घटनाभ्रष्टाचार

देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे की पहली ही बारिश ने खोली पोल, सड़क पर हुए गड्ढे 

निर्माण में लापरवाही पर प्रोजेक्ट डायरेक्टर, अथॉरिटी इंजीनियर और ईपीसी ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है , जबकि दो अधिकारियों को किया निलंबित

देहरादून/दिल्ली: करोड़ों की लागत, आधुनिक तकनीक और देश के सबसे प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट्स में से एक ‘दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे’ पहली ही बरसात का वार नहीं झेल पाया। अभी इस एक्सप्रेसवे को पूरी तरह शुरू हुए कुछ ही समय हुआ है, लेकिन पहली ही मानसूनी बारिश ने सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे कर दिए हैं।इस बीच, दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर बारिश के बाद सड़क धंसने की घटना पर एनएचएआई के एक अधिकारी का कहना है कि प्रभावित हिस्से की मरम्मत पूरी कर यातायात फिर से सामान्य कर दिया गया है। स्थानीय विरोध के कारण स्थायी ड्रेनेज सिस्टम चालू नहीं हो सका, जिससे पानी जमा हुआ। घटना के बाद अंतरिम ड्रेन बनाने का काम शुरू कर दिया गया है और क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है। इसके अलावा, निर्माण में लापरवाही पर प्रोजेक्ट डायरेक्टर, अथॉरिटी इंजीनियर और ईपीसी ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है , जबकि दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया।

मोदी सरकार जिस ‘न्यू टेक्नोलॉजी’ और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का दावा कर रही थी, उसकी जमीनी हकीकत इस एक्सप्रेसवे पर साफ देखी जा सकती है।

“अभी तो शुरुआत है, आगे क्या होगा?”

सफर को आसान और रफ्तार को दोगुनी करने के दावे के साथ बने इस एक्सप्रेसवे की यह हालत देखकर राहगीर और स्थानीय लोग हैरान हैं। लोगों का कहना है कि जब शुरुआती बारिश में ही सड़क का यह हाल है, तो आने वाले भारी मानसून में इस एक्सप्रेसवे पर सफर करना कितना सुरक्षित रहेगा? क्या इसी नई टेक्नोलॉजी के भरोसे जनता की सुरक्षा को छोड़ दिया गया है?

जनता पूछ रही है सवाल:

क्या करोड़ों के इस प्रोजेक्ट में इस्तेमाल हुए मटीरियल की क्वालिटी की जांच होगी?

पहली ही बारिश में गड्ढे होना भ्रष्टाचार की ओर इशारा है या खराब इंजीनियरिंग का नतीजा?

तेज़ रफ्तार से चलने वाले वाहनों के लिए ये गड्ढे बड़े हादसों का सबब बन सकते हैं, इसका जिम्मेदार कौन होगा?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button