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ऊर्जा निगम के एमडी बने पीसी ध्यानी, खुशी में बंटे लड्डू 

अधिकारियों को बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण, बिलिंग दक्षता बढ़ाने, राजस्व संग्रहण में वृद्धि तथा परिचालन व्यवस्था को और अधिक सक्षम बनाने के निर्देश दिए

देहरादून: उत्तराखंड शासन द्वारा चयनित होने के बाद  पी.सी. ध्यानी ने गुरुवार को उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के प्रबंध निदेशक का विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया। कार्यभार संभालते ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता यूपीसीएल को उपभोक्ता-केंद्रित, आधुनिक, तकनीक-सक्षम और लाभ अर्जित करने वाली विद्युत वितरण कंपनी के रूप में स्थापित करना होगा। इससे पहले तमाम कर्मचारियों और अधिकारियों ने उनका फूलमाला से स्वागत किया और लड्डू बांटे।

करीब चार दशक के समृद्ध अनुभव वाले पीसी ध्यानी इससे पहले पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) में निदेशक (मानव संसाधन) और प्रभारी प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

वर्ष 2016 से लगभग चार वर्षों तक वह यूपीसीएल में निदेशक (मानव संसाधन) भी रहे हैं। वर्ष 1988 में उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद से अपने सेवाकाल की शुरुआत करने वाले श्री ध्यानी ने ऊर्जा क्षेत्र में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए व्यापक प्रशासनिक और प्रबंधकीय अनुभव अर्जित किया है। कार्यभार ग्रहण करने के बाद पीसी ध्यानी ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उस पर वह पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और परिणामोन्मुख कार्यशैली के साथ खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उत्तराखंड को “ऊर्जा प्रदेश” के रूप में स्थापित करने के विजन को साकार करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल होगा। आधुनिक तकनीक, मजबूत विद्युत अवसंरचना, स्मार्ट मीटरिंग, डिजिटल सेवाओं के विस्तार, बेहतर उपभोक्ता सुविधाओं और वित्तीय सुदृढ़ता के माध्यम से यूपीसीएल इस लक्ष्य को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण, विश्वसनीय और निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए वितरण नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा। स्मार्ट तकनीकों के अधिकतम उपयोग, डिजिटल सेवाओं के विस्तार, स्मार्ट मीटरिंग और शिकायत निवारण प्रणाली को और प्रभावी बनाने पर विशेष जोर रहेगा। साथ ही दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता सुधारने के लिए अलग कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

पीसी ध्यानी ने अधिकारियों को बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण, बिलिंग दक्षता बढ़ाने, राजस्व संग्रहण में वृद्धि तथा परिचालन व्यवस्था को और अधिक सक्षम बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं को तय समय सीमा में धरातल पर उतारना प्राथमिकता होगी।

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