उद्गार ने नन्हें कवियों को किया सम्मानित
देहरादून की उद्गार साहित्यिक संस्था ने बिहार के ग्रामीण विद्यालयों में कराई काव्यपाठ प्रतियोगिता
कैमूर/देहरादून: उद्गार साहित्यिक एवं सामाजिक मंच देहरादून की ओर से गत दिनों राजकीय कृत माध्यमिक विद्यालय मुजान, मोहनिया, जिला कैमूर में विद्यार्थीयों के मध्य एक काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यालय के 12 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग कर काव्य पाठ किया।

विद्यालय के ही तीन शिक्षकों उदय प्रताप सिंह, सत्येंद्र कुमार और अनिल कुमार गुप्त ने निर्णायक के रूप में प्रतियोगिता को संपन्न कराया। इस प्रतियोगिता में निशा कुमारी पुत्री हरेंद्र राम कक्षा आठ ए ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। अन्नु कुमारी पुत्री अशोक कुमार सिंह कक्षा आठ ए ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा सृष्टि कुमारी पुत्री सत्येंद्र सिंह कक्षा आठ बी तृतीय स्थान पर रही।
उद्गार के अध्यक्ष शिवमोहन सिंह ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्रीधर गुप्त के साथ प्रतियोगिता के तीनों विजयी छात्राओं को धनराशि के साथ प्रमाण पत्र, पुस्तक, कलम और पुस्तिका भेंट करके सम्मानित किया। विद्यालय के शिक्षक सद्दाम हुसैन ने अपनी सारगर्भित शब्दावली में उद्गार संस्था तथा उसके अध्यक्ष शिव मोहन की प्रशंसा करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर निर्णायक मंडल, अध्यापक तथा विद्यालय के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
इसके अलावा, उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय मुजान, मोहनिया, कैमूर में भी उद्गार ने काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन कराया। विद्यालय के ही तीन शिक्षक दीनदयाल पांडे, जितेंद्र कुमार कुशवाहा तथा विनोद कुमार निर्णायक रहे। इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान रिद्धि कुमारी पुत्री संतोष चौबे कक्षा 10 ने, द्वितीय स्थान प्रतिज्ञा कुमारी पुत्री प्रभात कुमार कक्षा 10 तथा मीनाक्षी कुमारी पुत्री कमलेश सिंह कक्षा 11 ने तृतीय स्थान हासिल किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य सिपीन कुमार गुप्त के साथ इन तीनों छात्रों को धनराशि सहित सम्मान पत्र, पुस्तक, कलम तथा पुस्तिकाएं भेंट करके सम्मानित किया गया। साथ ही सभी 15 प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को भी कलम एवं पुस्तिकाएं भेंट करके प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक गण उपस्थित रहे। विद्यालय के प्रधानाध्यापक सिपीन कुमार गुप्ता ने कहा कि उद्गार साहित्यिक एवं सामाजिक मंच देहरादून तथा उसके अध्यक्ष शिव मोहन सिंह का यह कार्य अत्यंत प्रशंसनीय है।



